लोकेशन-रायबरेली
वीवीआईपी जिला रायबरेली बदहाल सड़के
रायबरेली
वीवीआईपी कहें जाने वाला रायबरेली जिला विकास के मानचित्र में अंकित जरूर कर दिया गया है। प्रधानमंत्री देने वाला यह जिला कागजों में तो विकास की मखमली चादर को जरूर होड़े हुए हैं। लेकिन इस मखमली चादर के अंदर भ्रष्टाचार के बड़े बड़े जख्म तरों ताज़ा है। ये व्याख्यात शहर विकास का तमगा लेने के बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस शहर की सड़को पर अब भी अमृत काल बरस रहा है। शहर की मुख्य सड़कों के अमृत काल का यह आलम है कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क कुछ पता ही नही चल पता है। अक्सर इन अमृत काल की सड़कों से गुजरने वाले शहरी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। लखनऊ और कानपुर को जोड़नें वाली एक सड़क जों बस स्टॉप से कहारों के अड्डे होते हुए रतापुर निकलती है। इस सड़क की हालत बहुत ख़राब है। आए दिन यहां पर दुर्घटनाएं होती हैं,लोग चोटिल होते घायल भी हो जाते हैं। मीडिया में खबर चलनें के बाद भी जिम्मेदारों ने इसकी मरम्मत तो छोड़िए इस ओर देखा भी नहीं। जबकि बरसात में लगातार यहां घटनाओं की पुनर्विवर्ती होती रही। जिम्मेदारों व प्रशासन की अनदेखी के बाद स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभाला और फावड़ा लेकर गड्डों को भरने का काम शुरू किया। लगातार हो रही बारिश के कारण स्थानीय लोगों का यह भी प्रयास असफल साबित हुआ। जिले की कमान संभाल रही डीएम हर्षिता माथुर ने इस सड़क के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की सड़कों को चिन्हित कर लिया गया है बरसात के बाद इनकी मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। यानी बरसात भर कुछ भी नहीं हो सकता है, आसान भाषा मे कहां जाये तो सवारी अपनें सामान की खुद जिम्मेवार है।






