फतेहपुर में कुर्क भूमि पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, काश्तकारों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

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फतेहपुर में कुर्क भूमि पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, काश्तकारों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

फतेहपुर में कुर्क भूमि पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, काश्तकारों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

 

फतेहपुर। जनपद के सरकंडी गाँव स्थित बड़ा डेरा मजरे सरकंडी में कुर्क की गई भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। गांव के कई काश्तकारों ने संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को सौंपकर आरोप लगाया है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद कुछ लोग विवादित भूमि पर लगातार कब्जा करने, निर्माण कार्य कराने और उसका उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ग्राम सरकंडी की गाटा संख्या 2909, 2888, 2069, 2073, 2201, 2183, 2190 एवं 2121 की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उक्त भूमि पर माननीय न्यायालय द्वारा धारा 145 सीआरपीसी के तहत आदेश पारित करते हुए भूमि को कुर्क किए जाने की कार्रवाई की गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन किया है, लेकिन एक पक्ष लगातार आदेशों की अनदेखी कर रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि श्रीनाथ तिवारी एवं उनके पुत्र राघव तिवारी द्वारा विवादित और कुर्क भूमि पर बार-बार कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं, भूमि पर निर्माण कार्य कराने, खेती करने और विभिन्न प्रकार से उपयोग किए जाने की भी शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब भी वे इसका विरोध करते हैं तो उन्हें गाली-गलौज, धमकी और मारपीट का सामना करना पड़ता है।

प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी गई, जिसके बाद मौके पर जांच भी हुई, लेकिन कार्रवाई के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद दोबारा भूमि पर कब्जा और निर्माण का प्रयास शुरू कर दिया जाता है।

काश्तकारों ने यह भी आरोप लगाया कि संयुक्त भूमि पर खड़े पेड़ों, फसलों और अन्य संसाधनों पर भी एक पक्ष अपना अधिकार जताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुर्क भूमि पर चबूतरा निर्माण, मिट्टी डालने और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अतिक्रमण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विवाद केवल कुछ व्यक्तियों के बीच है, जबकि अन्य काश्तकारों का आपस में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने प्रशासन को बताया कि वे सभी आपसी सहमति से वर्षों से खेती-बाड़ी और फसल का बंटवारा करते आ रहे हैं, लेकिन एक पक्ष द्वारा लगातार दबाव बनाकर पूरे क्षेत्र पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही कुर्क भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण, अतिक्रमण और कब्जे की कोशिशों पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है।

अब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। शिकायतकर्ताओं को उम्मीद है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने का काम करेगा। वहीं, इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, जिस पर क्षेत्र के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

B9News24
Author: B9News24

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