फतेहपुर उत्तर प्रदेश
निर्माणाधीन अल्लीपुर हसनापुर वाया फ़ुटहागंज मार्ग में FDR तकनीक का झांसा दे जनता को किया जा रहा गुमराह।

👉 स्थानीय लोगों के हिसाब से रोड में मानकों की अनदेखी।
1️⃣FDR तकनीक में सर्वप्रथम गिट्टी मिट्टी को लैब भेजकर यह तय किया जाता है कि इसमें कितनी मात्रा सीमेंट और स्टेबलाइजिंग केमिकल की आवश्यकता है जिससे कि इसकी सतह को मजबूती प्रदान की जाएं।
2️⃣ इस प्रणाली में पुरानी सड़क को उखाड़ कर उसे रिक्लेमर मशीन से मलबे को अच्छी तरह पीसा जाता हैं। जिसे चूर्णीकरण बोलते हैं
3️⃣ अब इस परत के ऊपर उचित मात्रा में सीमेंट और zydex तरल रासायनिक पदार्थ को पानी के टैंकर में मिला कर डाला जाता है और फिर 20 टन वजन रबर रोलर और पैड रोलर से पूरी ताकत के साथ दबाकर रोड का समतल बेस तैयार किया जाता है
4️⃣ इसके बाद सामीलेयर डालने से पहले समतल बेस में डामर उसके ऊपर सामिलेयर फिर डामर और इमर्सन करके अंतिम परत डालकर रोड बनाई जाती हैं।
❌ क्षेत्रीय जनता के अनुसार रोड बनने में इन सभी मानकों में लापरवाही और गुणवत्ताहीन कार्य हुआ है।
1.सड़क की एफ डी आर बेस में कई जगह गड्ढे हो गए है जिस पर जीरा गिट्टी डालकर डामरीकारण किया जा रहा है जबकि ऊपरी सतह का ट्रीटमेट करके डामरीकरण होना चाहिए
2.एफ डी आर में गिट्टियां निकल आई है जिस कारण डामरीकरण के नीचे बिछानी वाली सामी लेयर में रोलर चलने से फट जा रही हैं
3 .सामी लेयर के नीचे डामर कम डाला के रहा है जिस कारण वह नीचे बेस से ठीक से चिपक नहीं रही है उखाड़ने से आराम से उखड़ जा रही ही है इसके साथ ही उसे पूरी तरह डामर से भिगोया भी नहीं जा रहा है जिससे पानी नीचे जा सकता है
4. क्षेत्रीय लोगों की माने तो रिक्लेमर मशीन से तैयार रोड के चूर्ण में बिना सीमेंट और केमिकल डाले ही 8 माह पहले बेस तैयार किया था जिसमें बरसात के बाद भारी जलबहाव से बड़े बड़े गढ्ढे हो गए हैं जिस सर्फेस का समतलीकरण किए बिना ही उसी के ऊपर कार्य किया जा रहा हैं।







