पीएम मोदी बुंदेलखंड के मन की बात सुनें, राज्य का गठन करें — प्रवीण पांडेय
बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति ने ‘मन की बात’ को बनाया राज्य निर्माण आंदोलन का हिस्सा
गांव–गांव, पांव–पांव यात्रा का बांदा में विश्राम, अगला चरण मई में चित्रकूट से
खागा/फतेहपुर।
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर निकाली जा रही “बुंदेलखंड गांव–गांव, पांव–पांव यात्रा” छह मार्च को बांदा जिले के जसपुरा से शुरू हुई थी। यात्रा का बांदा के रामलीला मैदान में विश्राम हुआ, जबकि इसका अगला चरण मई माह में चित्रकूट से शुरू किया जाएगा।
बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड की गरीबी, बेरोजगारी और पलायन का स्थायी समाधान पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आंदोलन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बुंदेलखंड के मन की बात सुननी चाहिए और पृथक बुंदेलखंड राज्य का गठन करना चाहिए। यह यात्रा बुंदेलखंड के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकार की लड़ाई है, जिसे जन-जन के सहयोग से निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। गांव–गांव से मिल रहा जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि बुंदेलखंड की जनता अपने अधिकारों के लिए जाग चुकी है और यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
इस बीच बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति ने आंदोलन को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” को अभियान का हिस्सा बनाया है। प्रवीण पांडेय ने बताया कि नागरिकों से टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग रिकॉर्ड कराने की अपील की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कॉल करने पर एक बीप के बाद 40–45 सेकंड के भीतर अपनी बात रिकॉर्ड करनी होती है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे संक्षेप और स्पष्ट रूप में अपना संदेश रखें। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की, ताकि बुंदेलखंड की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से दर्ज हो सके।







