तालाबों के संरक्षण से ही भू गर्भ जल संरक्षण संवर्धन संभव – प्रवीण पांडेय
– जल संरक्षण एवं स्रोत स्थिरता पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

फतेहपुर। जल संरक्षण एवं स्रोत स्थिरता विषय पर वाटर एड इंडिया द्वारा जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल भूमि, फतेहपुर में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में जल संकट की गंभीरता, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा स्थायी समाधान पर व्यापक चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में पर्यावरण पहरूवा, गंगा समग्र के प्रांत प्रमुख एवं बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने सहभागिता की। उन्होंने जल तीर्थ के रूप में तालाबों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि तालाब केवल जल संचयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संतुलन का आधार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तालाबों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
नेहरू युवा संगठन टीसी के वक्ता राजेंद्र साहू ने फतेहपुर जनपद की नदियों एवं झीलों की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उनके संरक्षण, पुनर्जीवन और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
वाटर एड इंडिया के जिला समन्वयक आदित्य मिश्रा ने जल संरक्षण एवं स्रोत स्थिरता से जुड़ी आधुनिक अवधारणाओं, वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज और सामुदायिक सहभागिता पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और जल कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।







