अंबेडकर नगर
अंबेडकर नगर शाहजहांपुर में रमजान के पवित्र महीने में इबादतों का सिलसिला जारी है।

कुरान तरावीह मुकम्मल होने पर ‘जश्न-ए-कुरान पाक’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हाफिज दस्तगीर को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।
रविवार को अठारहवें रोजे पर मस्जिदों में भारी भीड़ देखी गई। रोजेदारों ने खुदा की इबादत कर देश और दुनिया में अमन-चैन कायम रखने की दुआएं मांगीं।
मौलाना खलीलकुज जमा ने अपने संबोधन में कहा कि रमजान के मुबारक महीने में सभी मोमिन खुदा की इबादत में जुटे हैं। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची से बचने और इसके बजाय गरीब, मजलूम और बेसहारा लोगों की मदद करने का आह्वान किया। मौलाना ने जोर दिया कि रमजान यही सीख देता है।
मौलाना वासिल ने आगे कहा कि अपनी खुशियां पूरी करने से पहले मजलूमों के दुखों को दूर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अल्लाह ने रोजे इसलिए फर्ज किए हैं ताकि रोजेदार भूख-प्यास की शिद्दत बर्दाश्त कर भूखे पेट रहने वाले मजलूमों की परेशानी समझ सकें। उन्होंने रमजान को मुसलमानों के लिए अल्लाह का दिया तोहफा बताया।इस दौरान, उलेमाओं ने रमजान और कुरान की फजीलत, तरावीह और रोजे में अल्लाह और रसूल के हुक्म पर बयान किया। मौलाना अतिकूज जमा ने यह भी कहा कि वे लोग खुशनसीब हैं जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने को मिला।







