*साधु-संतों संग वृंदावन से आगरा तक निकलेगी सनातन जन जागरण एकता पदयात्रा*
*सनकादिक सेवा ट्रस्ट द्वारा पंच संकल्पित होगी पदयात्रा
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वृंदावन। देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण, गौ रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य को लेकर हजारों साधु-संतों, धर्माचार्यों एवं सनातन अनुयायियों के साथ वृंदावन से आगरा तक सनातन जन-जागरण एकता पदयात्रा निकाली जाएगी। गुरुवार को सनकादिक सेवा ट्रस्ट ने साधु-संतों के साथ परिक्रमा मार्ग स्थित तपोवन आश्रम पर पदयात्रा का आमंत्रण-पत्र विमोचन के दौरान ये बातें कहीं।
मीशेश्वर धाम के पीठाधीश्वर डॉ. विनितानंद आचार्य ने बताया कि पंच संकल्पों के साथ यह पांच दिवसीय पदयात्रा चार से आठ फरबरी तक निकाली जाएगी। चार फरवरी को वृंदावन स्थित कात्यायनी माता मंदिर से प्रारंभ होगी। पदयात्रा जय गुरुदेव, बरारी गांव स्थित माँ की रसोई, रैपुरा जाट के श्री राधा-कृष्ण मंदिर, आगरा में अरतौनी के श्री हनुमान मंदिर पर विश्राम एवं जनसंवाद करते हुए 8 फरवरी को राजपुर चुंगी स्थित श्री राजेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर सम्पन्न होगी। यह सनातन धर्म की एकता और सांस्कृतिक चेतना का महासंकल्प का संदेश देगी।
तपोवन फलाहारी आश्रम महंत गंगादास महाराज ने कहा कि यह पदयात्रा सनातन धर्म की अलख जगाने, भारतीय संस्कृति की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी। पदयात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक पुनर्जागरण भी है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र गोयल ने बताया कि एकल परिवार की सोच से बाहर निकलकर संयुक्त परिवार की पुनर्स्थापना, धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून तथा घर वापसी अभियान को मजबूती देने जैसे विषयों को भी पदयात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम समन्वयक अमन शुक्ला ने बताया कि यात्रा के संकल्पों में देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, ब्रज क्षेत्र में मांस एवं मदिरा की बिक्री पर रोक, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा, विद्यालयों में संस्कृत भाषा एवं श्रीमद्भागवत गीता का अनिवार्य अध्ययन तथा सनातन मूल्यों की पुनः स्थापना शामिल हैं। सनातन चेतना को और व्यापक बनाने के लिए मथुरा-वृंदावन के स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी पदयात्रा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर रामदास महाराज, गोल्डी शर्मा, ब्रज गोपालदास, श्याम पुरी, मदन मोहन गिरि, विश्वंबर दास, रामकृष्ण दास, मोहन गिरि, गोविन्द सरन, छैना गोपाल दास, विपिन दास आदि मौजूद रहे।







