लोकेशन अयोध्या
-भरण-पोषण का एक मात्र साधन कृषि नहीं करने दे रहे दबंग,न्याय के लिए बच्चों संग दर-दर भटक रही विधवा।
-एकमात्र खेती करके अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली गरीब विधवा को दबंगों द्वारा खेती नहीं किये जाने की वजह से एक गरीब परिवार आज भुखमरी की कगार पर पहुँच गया। अपने जीवकोपार्जन का कोई अन्य साधन न होने से प्राण का संकट उत्पन्न होने पर विधवा महिला अपने पुत्रों के साथ दर-दर भटक रही है लेकिन धन व जनबल के आगे उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
मामला अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील के है जहाँ ग्राम रामनगर धौरहरा मजरे बरई खुर्द निवासी विधवा चंद्र किशोरी सिंह पत्नी रघुनाथ सिंह उर्फ बब्बन अपने तीन बच्चों भानु प्रताप, उदय प्रताप व दिग्विजय सिंह के साथ तहसील व थाने का चक्कर काट रही है लेकिन कहीं से उसे कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पीड़िता के मुताबिक गांव के दबंग उमाकांत सिंह पुत्र राम पियारे सिंह व उनके बेटे आदर्श सिंह उसे अपने ही साढ़े बारह बीघे खेत में खेती नहीं करने दे रहे हैं जिससे वह व उसके परिवार को खाने के लाले पड़ गए हैं। पीड़िता का कहना है कि वह व उसके बेटे जब खेत को जोतने-बोने जाते हैं तो दबंग उमाकांत व आदर्श अपने परिवार व अन्य सहयोगियों के साथ वहां पहुँचकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए आमादा फौजदारी हो जाते हैं जिस पर हम लोग अपनी जान बचाकर वहां से लौट आते हैं। पीड़िता की मानें तो इस बाबत वह पुलिस चौकी से लेकर कमिश्नर तक के चक्कर काट कर थक चुकी है लेकिन इन दबंगों के जन व धन बल के आगे उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। पीड़िता के बेटे उदय प्रताप सिंह का आरोप है कि विपक्षी के रिश्तेदार आनंद सिंह उर्फ मिंटू जो अपने को सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत बता कर स्थानीय प्रशासन पर नाजायज़ दबाव बना कर मामले को प्रभावित करते हैं। पीड़िता के छोटे बेटे दिग्विजय सिंह का कहना है कि आनंद सिंह के दबाव में आकर प्रशासन का यह उपेक्षापूर्ण रवैया कहीं राम की नगरी अयोध्या में दूसरा देवरिया कांड न पैदा कर दे। दिग्विजय सिंह का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते मामले का निराकरण नहीं करवाता है तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। इस मामले में जब उपजिलाधिकारी सोहावल अशोक सैनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है अभिलेखों के अवलोकन के उपरांत निर्णय लिया जाएगा।







