लोकेशन रायबरेली
रायबरेली । चिल चिलाती धूप के बीच भीषण गर्मी में बिना सेफ्टी उपकरणों और बिना यूनिफार्म के नाबालिक बच्चों से भरपूर काम लिया जा रहा है ये कहीं और नहीं हो रहा है बल्कि योगी और मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण में कार्यदाई संस्था आईटीडी सिमेंटेशन इंडिया लिमिटेड द्वारा करवाया जा रहा है और जिम्मेदार मूर्ख दर्शक बनकर बैठे हैं ।
मामला ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग स्थित आईटीडी सिमेंटेशन इंडिया लिमिटेड के प्लांट का है ।
आलम ये है कि न बाल श्रमिकों के हाथों में दस्ताने हैं न टोपी और न ही पांव में जूते हैं और तो और उन्हे कंपनी द्वारा सेफ्टी यूनिफार्म तक नहीं दिया गया बावजूद इसके बालश्रमिक हार्ड वर्क में लगाए गए हैं।
सूचना पर गुरुवार को मीडिया कर्मियों ने इटौरा बुजुर्ग स्थित आइटीडी के प्लांट पहुंचकर मौके का जायजा लिया तो स्थितियां ठीक वैसी ही थी जैसी सूचना मिली थी ।मौके पर बिना सेफ्टी उपकरणों के बाल श्रमिकों से हार्ड वर्क करवाया जा रहा था मौके पर हरियाणा के
रहने वाले एक मुंशी ने बताया कि आईटीडी सिमेंटेशन इंडिया लिमिटेड के अधीन कई सहयोगी संस्थाएं भी गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण में लगी हैं जिनके द्वारा स्थानीय बाल श्रमिकों से काम लिया जा रहा है।
बाल श्रमिकों से काम लिए जाने के प्रकरण में अपर जिलाधिकारी सख्त
रायबरेली।अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रफुल्ल त्रिपाठी ने कहा कि मामला बेहद संगीन है,जांच करवाकर कार्यवाही संस्था के विरुद्ध की जायेगी।







