नेताओ के दबाव में सराय इनायत थाना पुलिस ने पुलिस वर्दी कर दी शर्मसार

दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को जनता ने पकड़कर पुलिस को सौपा
24 घंटे हवालात में रखने के बाद दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को किस दबाव में पुलिस ने छोड़ा
पुलिस थानों में भाजपा नेता पर पूर्व से दर्ज है गम्भीर धाराओं में कई मुकदमे
प्रयागराज।
सराय इनायत थाना क्षेत्र के रुद्रा अपार्टमेंट के पास दीपावली के दिन 31 अक्टूबर को दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को सफारी गाड़ी समेत आम जनता ने पकड़ कर थाना पुलिस को सौप दिया था। भाजपा नेता को पुलिस ने हवालात में बंद कर दिया रात भर भाजपा नेता थाने की हवालात में तड़पता और गिड़गिड़ाता रहा। अपने कृत्य पर रहम की भीख मांगता रहा। बड़े भाजपा नेताओं के दबाव में दीपावली के दूसरे दिन सुबह पुलिस ने भाजपा नेता को थाने से छोड़ दिया है, जिससे थाना पुलिस पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक हंडिया थाना क्षेत्र के अहिरी गांव निवासी आशीष सिंह 31 अक्टूबर दीपावली की रात सफारी गाड़ी खुद चलाते हुए कहीं जा रहे थे। भाजपा नेता की लापरवाही के चलते बाइक सवार को उन्होंने अपने लग्जरी वाहन से कुचल दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। दुर्घटना में बाइक सवार को गंभीर चोटें आई थी। दुर्घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ लग गई और दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता आशीष सिंह को आक्रोशित भीड़ ने गाली – गलौज करते हुए जमकर लात – जूतों से पीट दिया। भीड़ के बीच वह अपने को भाजपा नेता बताते रहे और बताते रहे कि वह पूर्व में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, लेकिन उनके तमाम बातों का असर भीड़ पर नहीं पड़ा और दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को भीड़ ने जमकर कुटाई कर दी। भीड़ ने पुलिस बुला करके वाहन समेत भाजपा नेता को पुलिस के हवाले कर दिया। दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को पुलिस वाहन समेत गिरफ्तार करके थाने ले गई जहां पर उन्हें हवालात में डाल दिया। रात भर यह थाने की हवालात में तड़पते रहे और योगी मोदी की दुहाई देते रहे किसी बड़े नेता के दवाव में दूसरे दिन सुबह इनको थाना पुलिस ने थाने से छोड़ दिया।
बताया जाता है कि भाजपा नेता की क्षेत्र में आपराधिक छवि है और इनके ऊपर पहले से भी गम्भीर धाराओं के कई मुकदमे पुलिस थानों में पंजीकृत है। अब सवाल उठता है कि क्या भाजपा नेताओं को अपराध करने की योगी मोदी सरकार ने छूट दे रखी है, जिससे पुलिस इन नेताओं के अपराध के बाद इन्हें बाइज्जत थाने से बरी कर देती है। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को योगी मोदी की सरकार में कैसे न्याय मिलेगा। पार्टी का झंडा लगाकर सरकार के नाम को बदनाम करने वाले इन भाजपा नेताओं के कृत्य को पार्टी नेताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके ऊपर गंभीर कार्यवाही कर आम जनमानस का भरोसा जीतने की जरूरत है। आपराधिक घटनाओं के बाद घटनाओं में लिप्त लोगो को जनता पकड़ कर पुलिस को सौंपे और थाना पुलिस वर्दी को कलंकित कर आरोपियों को छोड़ने का यह मामला बेहद गम्भीर है। दुर्घटना के बाद भाजपा नेता को छोड़ने वाली थाना पुलिस के कारनामे की आलाअधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच करा कर थाना पुलिस को भी दंडित किए जाने की जरूरत है। इतना ही नहीं दुर्घटना करने वाले भाजपा नेता को फिर से गिरफ्तार कर इन्हें जेल भेजने की मांग क्षेत्र की जनता ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ से की है।







