खबर रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र खागीपुर सड़वा से है जहां पीड़िता आरती मौर्य अपने मकान में काबीज होने के लिए दर-दर ठोकर खा रही है हालांकि आपको बता दें पीड़िता की माने तो 2014 में पीड़िता ने जमीन खरीदी थी और उसका पूरा भुगतान भी किया था। लेकिन उसके बावजूद पीड़िता अपने मकान में रहने के लिए तरस रही है।वहीं पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करके अपने परिवार का भरण पोषण करती है उसका उसके पति से भी कोई नाता रिश्ता नहीं है क्योंकि उसका पति शराब के नशे में उसे मारता पिटता है बता दें पीड़िता के दो लड़की और एक लड़का है लेकिन वही पीड़िता अब अपने मकान में काबिज होने के लिए दर दर की ठोकर खा रही है क्योंकि राम नेवाज़ जो की पीड़िता का बहनोई है उसने जबरन उस मकान में पीड़िता का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया यहां तक की गांव के कुछ लोग और राम नेवाज के द्वारा पीड़िता की नाबालिक बेटी को इस कदर मारा गया कि वह मर्रासन अवस्था में हो गई थी। किसी तरह एंबुलेंस को बुलाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया । जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया।
लेकिन सबसे बड़ी बात जिस तरह से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं वही बैठे आला अधिकारी उन पर पानी फेर रहे हैं क्योंकि पीड़िता आरती मौर्य जिस मकान में काबिज है और पीड़िता के नाम उस मकान का कनेक्शन भी है जिसे पीड़ित महिला हर माह उस मकान का भुगतान करती है लेकिन उसके बावजूद भी दबंग राम नेवाज जो कि पीड़िता का बहनोई है उसकी दबंगई के चलते वह घर पर न रहकर सड़कों पर रेलवे स्टेशन में और बस अड्डे में अपना स्थान बनकर रह रही है लगातार थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर काट रही है लेकिन आंख बंद किए बैठे है अधिकारी पीड़िता को नहीं मिल सका अभी तक न्याय ।वही पीड़िता ने मीडिया का सहारा लेते हुए बताया अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम लोग अपनी जमीन पर जाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगे।अब देखना है कि पीड़िता को न्याय मिलता है या नहीं क्योंकि जिस तरह से दबंग राम नेवाज अपनी दबंगई करके मकान में पीड़िता का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया है। अब देखना है इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है क्योंकि जिस तरह से तीन नए कानून महिलाओं को लेकर पारित किए गए हैं उन पर अभी भी रायबरेली के आला अधिकारियों की कुंभ करनी नींद नहीं खुली है फिलहाल पीड़िता अपने मकान में काबिज हो पाती है या फिर दबंग राम नेवाज अपनी दबंगई यूं ही करता रहेगा।







